Tumhari Yaad Aati Hai by Manjeet Singh | The Social House Poetry | Whatashort




Comments
  1. Aksaar raat Ko hi Kyun Yaad aati hai… Uss Insaan Ko yaad karne ke liye jo bht door chale jaa chuke hain… Kyun raat ki nind kho jaati hai Kyun ….or khudse puchta hu toh javab bht simple hota hai …sukoon… bechaainiiiii .. bebaasii…aaram …aaram…bas itni hi baat Aakar Ruk jaati hai…. Par yaad toh hamesha raat Ko hi sukoon de jaati hai jinkawna aana ho dubara …

  2. Ab teri yaad nhi aati ye kehna to jhut hi hoga,
    Ab teri yaad nhi aati ye kehna to jhut hi hoga,
    Par ye v jhut nhi hai ki ab uss kadar nhi ati,
    Kosish to bohot ki Maine,
    Kosish to bohot ki Maine ki rok lu tujhko,
    Kosish to bohot ki Maine ki rok lu tujhe,
    Par phir dil ko khayal aya ki aap kisi aur ki ho chuki ho,
    Ab phir isliye teri yaad nhi ati..
    Agar tum ruthe hote to mana hi lete,
    Agar tum ruthe hote to mana hi lete,
    Par tum ruthe kahan the tum to kisi aur ke hi sapne saza rakhe the..
    Ab bas isiliye teri yaad nhi aati…

  3. मेरे घर की छत पे है, दो चाँद;
    एक है अंतरिक्ष का अभिमान, दूसरा है मेरा ख्वाब!

  4. अगर तुम हसीन हो
    तो में भी जवान हूं

    अगर तुम मुहब्बत का समन्दर हो
    तो में भी ख्वाइशों का रेगिस्तान

    अगर तुम जवानी हो
    तो में उस जवानी की कहानी

    अगर तुम किसी की ज़िन्दगी हो
    तो मेरे लिए जीने का मकसद

    अगर तुम किसी का ख़्वाब हो या फिर बहुत खूबसूरत ख्वाब
    तो मेरे लिए मेरी हकीकत हो या फिर वो हक़ीक़त जिसे लोग खूबसूरत ख्वाब कहते है

    अगर तुम अपने आप को आईने में देखती हो
    तो में तुम्हे अपने आप में देखता हूं

    अगर तुम किसी और को प्यार करोगी
    तो में उस से नफ़रत करुगा

    अगर तुम मेरे साथ रहोगी
    तो में वक्त को रोक दुगा

    तुम कहीं जाना चाहोगी
    तो भी में वक्त को रोक लुगा

    तुम कुछ कहना चाहोगी
    तो भी में वक्त को रोक लुगा

    अगर तुम दिल से रुकना चाहो हमेशा के लिए
    तो शायद मुझे वक्त को रोकने की जरूरत ना पड़े

    अगर तुम हसीन हो
    तो में भी जवान हूं

  5. wowww , bhul gyi thi mai bhi ki baithi hun logo se bhare kamre mein … kya jadoo kiya tumhari kahani ne ki ek pal socha thoda bdnasheeb hoya jaye

  6. शाळा म्हणजे लाहनपण तुझ नि मांझ,
    शाळा म्हणजे दप्पतरांनच ओझ !
    शाळा म्हणजे पाटी आणि पाटीवरची पेन,
    शाळा म्हणजे होळकरांची देन !
    शाळा म्हणजे पहिली ते दाहवी,
    शाळा म्हणजे बालभारती !
    मास्तरांचा मार म्हणजे शाळा,
    जिवलगांची रांग म्हणजे शाळा !
    वरांडा म्हणजे शाळा ,
    पटांगनातल झाड म्हणजे शाळा!
    शाळा म्हणजे झाडे लावा झाडे जगवा,
    शाळा म्हणजे जय जवान जय किसान !
    पहीले मित्र म्हणजे शाळा,
    पहील प्रेम म्हणजे शाळा !
    मित्रानांसाठी झगडन म्हणजे शाळा ,
    मित्रांनशीच भाडंण म्हणजे शाळा !
    शाळा म्हणजे शाळा सर्वाची आठवंन,
    म्हणजे शाळा आठव आठवंन !
    तुझी ,तिची, याची, त्याची आणि माझी शाळा
    शाळा म्हणजे लाहनपण तुझ नि मांझ,
    लेखक: क्रिष्णा द.ऊईके
    मु.पो.नांदा त.कोरपना जि.चंद्रपुर

  7. पहली दफा देखते ही पाने को जी चाहता था,खुश तो मैं बहुत था ही मगर उनका साथ चाहता था।
    बातों का जो सिलसिला उन्होंने हमसे शुरू किया,हम तो दिल दे बैठे उनके अंदाज़ पर।
    हमें तो चाय ना पसंद थी मगर उन्हें दिल्लगी थी,हमने जो दी लाकर उन्हें उनकी वो मुस्कराहट हमें पसंद थी।
    सिलसिला ये चाहता का यूहीं बढ़ता चला गया,उनका मुस्कुराना और शर्माना दिल में बस गया।
    बातें तो बहुत होती थी बिना सवालों के,शायद कोशिश दोनों की थी अपना बनाने की।
    नाराज़ होकर भी न जाने क्यों मान जाया करती थी,कभी बुरा कहा ही नहीं हमसे शायद पास लाना चाहती थी।
    दोस्ती जो गहरी होती गयी और बढ़ गयीं मुलाकातें भी,समय भी भागता सा लगता था और लगता था अभी सिर्फ एक पल हुआ।
    वो चीज़ें हमें पसंद आने लगी जो उन्हें पसंद थी,न जाने क्यों हम इतने बदल गए शायद उनसे दिल्लगी थी।
    वो हसीं पल अब छूट गए मेरी नादानियों से,सोचती होगी क्या मेरे बारे में और क्या कहती होगी दिल से।
    मैं माफ़ी मांगता था और कहा मिलने के लिए,पर अब दूर हो गए एक अरसे के लिये।
    पर वो पल इतने कमज़ोर न थे जो वो हमेशा के लिए दूर हो जाएं,एक दिन पुछा उन्होंने और बताओ कैसे हो।
    वो ख़ुशी उस ख़ुशी से ज्यादा थी,जब हम उनसे पहली बार मिले थे।
    आज भी हम उनकी यादों में रहते हैं उन्ही पलों को जीते हैं और उन्हीं पलों पर कहते है–तुमसे प्यार करना हमारी सबसे खुशनसीब गलती थी और ना जाने क्यों वो पल आज तक जिन्दा हैं।
    वैभव दिवेदी

  8. Mine, 10th love my love is one sided fr a beatifull girl.some times i used to think she accet and almost to accept i did the rubbish thing she started hating me forever her name sanjana now i love lottt misss u lot etc etc

  9. सच्च में भाई मेरा भी हॉल ऐसा ही है गुजरे हुआ कल याद आता है और में मुस्कुरा जाता हु क्या पल थे

  10. सच्च में भाई मेरा भी हॉल ऐसा ही है गुजरे हुआ कल याद आता है और में मुस्कुरा जाता हु क्या पल थे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *